इनकम टैक्स रिटर्न भरने के दौरान बड़ी इनकम या बड़े समारोह-शादी में 50 लाख से ज्यादा खर्चा छिपाना भारी पड़ सकता है। आयकर विभाग ने रिटर्न के लिए नए नियम बना दिए हैं। इस नियम के अनुसार कोई करदाता इनकम छिपा रहा है और विभाग के अफसरों का उस पर शक बढ़ता है तो उसे सीधे नोटिस भेजी जा सकती है। इतना ही नहीं उसके पिछले 10 साल के रिटर्न की जांच करने के साथ ही उसके खातों के ट्रांजेक्शन की भी जांच की जाएगी।
आयकर बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष सीए चेतन तारवानी ने बताया कि आयकर अधिकारी को यह भरोसा हो जाता है कि इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल करने वालों ने इनकम छिपाई है तो ऐसी स्थिति में नोटिस भेजा जाएगा। यह नोटिस जिस कर निर्धारण वर्ष के लिए भेजनी है साल की समाप्ति के 3 साल तक नोटिस भेज सकते हैं। यानी जिस कर निर्धारण वर्ष के लिए नोटिस भेजनी है उसके समाप्ति के 3 वर्ष के बाद नोटिस नहीं भेजी जा सकती।
इन नियम के अनुसार किसी भी करदाता के खातों की जांच 3 साल से ज्यादा की नहीं हो सकती है। लेकिन अब नए नियमों के तहत यह जांच 10 साल तक के लिए कर दी गई है। यानी आयकर विभाग संदेह होने पर पिछले 10 साल के खातों की जांच कर सकता है। लेकिन इसके लिए एक नियम यह भी है कि उस करदाता ने किसी साल में 50 लाख या उससे ज्यादा की इनकम छिपाई हो।
एसोसिएशन की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार यह संशोधन फाइनेंस बिल 2022 में किया गया है। इस बदलाव का असर यह होगा कि करदाता ने 50 लाख या उससे ज्यादा खर्च किए हो और उसका ट्रांजेक्शन छिपाया हो उसकी जांच का दायरा बढ़ जाएगा। किसी शादी, उत्सव या किसी को 50 लाख से ज्यादा का गिफ्ट दिया गया हो और उसकी जानकारी नहीं दी गई हो तो ऐसे लोगों को जांच में लेकर नोटिस दी जाएगी।
विभाग ऐसे बड़े समारोह में नजर भी रख रहा है। ऐसी स्थिति में उसके 10 साल के खातों की जांच हो सकेगी। सीए एसोसिएशन ने लोगों से अपील की है कि यह जरूरी है कि घर में शादी या अन्य उत्सव होता है तो उन खर्चों को भी उचित रूप से अपने खाता बही में दर्ज करना चाहिए। अन्यथा ऐसे खर्चों पर भी सरकार 77.25 प्रतिशत का टैक्स वसूल कर सकती है।
