छत्तीसगढ़ में किसी भी व्यक्ति से साइबर ठगी हुई तो पुलिस को भले ही रकम वापसी में दिक्कत हो, लेकिन मोबाइल नंबर से एक क्लिक से पता चल जाएगा कि ठग कौन और कहां का है, इससे पहले कितनी वारदातें कर चुका है, वह फरार है या अभी गिरफ्तार है। यह ब्योरा भले ही साइबर ठगी के शिकार लोगों को रकम वापसी में ज्यादा मददगार न हो, लेकिन फायदा यह है कि यह जानकारियां मिलते ही पुलिस उस ठग को घेरने में कामयाब हो सकेगी।
यह इसलिए संभव हुआ है क्योंकि छत्तीसगढ़ पुलिस तेलंगाना में साइबर फ्राॅड को काबू करने के लिए बनाए गए पोर्टल साइकेप्स (CyCAPS) से जुड़ गया है। इस पोर्टल में 24 राज्य शामिल हैं, इसलिए अधिकांश वारदातों में धोखेबाज का पूरा ब्योरा यहां की पुलिस को तुरंत मिल सकता है।
तेलंगाना के आला पुलिस अफसरों ने बताया कि साइबर अपराधी को तुरंत ट्रैक करने तथा धरपकड़ के लिए तेलंगाना पुलिस ने इस हाईटेक सिस्टम को डेवलप किया। इस पोर्टल को ओपन करने के बाद किसी भी थाना प्रभारी को साइबर क्राइम या फ्रॉड की जानकारी मिल जाएगा।
यह भी पता चल पाएगा कि संबंधित फोन नंबर से कितने लोगों को ठगा गया है, ठग गिरफ्तार हुआ या फरार है और कार्रवाई क्या हो चुकी है? इसी में ठगी के पैटर्न का भी जिक्र रहेगा। इससे पुलिस आसानी से किसी भी वारदात में सीधे ठग तक पहुंच सकेगी। छत्तीसगढ़ पुलिस के अफसरों ने बताया कि पोर्टल का उपयोग यहां शुरू हो चुका है।
