हजारों निवेशकों की जमा पूंजी का भुगतान करने में आनाकानी करने वाले सहारा इंडिया कंपनी पर अब प्रशासन ने कानूनी शिकंजा कसने का मन बना लिया है।
कलेक्टर श्रीमती रानू साहू ने एसपी को पत्र लिखकर कंपनी के विरूत्र एफआईआर दर्ज कर उचित कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। जिले के हजारों लोगों ने सहारा इंडिया के विभिन्न स्कीमों पर भरोसा जताते हुए अपनी जमा पूंजी इस आस के साथ जमा की ताकि भविष्य में इसका उन्हें बेहतर लाभ मिल सके मगर अब जब स्कीम की परिपक्वता तिथि पूर्ण हो चुकी है और जमाकर्ताओं को भुगतान का समय आ गया है तब कंपनी निवेशकों को अंगुठा दिखा रही है।
निवेशक अपनी जमा पूंजी वापस पाने के लिए सहारा इंडिया के ब्रांच व फ्रेचाइजी ऑफिसों के चक्कर लगाते थक चुके हैं।
धरना दे चुके हैं और फोरम का दरवाजा भी खटखटा चुके हैं, बावजूद इसके कंपनी अपना रूख स्पष्ट नहीं कर रहा है। उल्टे सहारा इंडिया के दफ्तरों के अधिकारी अपनी नौकरी छोड़-छोड़ कर यहां से भागने लगे हैं। यही वजह है कि सहारा इंडिया के निवेशकों ने विगत 16अगस्त को कलेक्टर को आवेदन देकर न्याय की गुहार लगायी थी और हजारों जमाकर्ताओं के साथ धोखाधड़ी करने वाले सहारा इंडिया कंपनी के अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की थी। इसके बाद कलेक्टर ने भी कंपनी के ब्रांच मैनेजर को निवेशकों के नाम, उनके खाता नंबर, मोबाइल नंबर व राशि की सूची समेत चेतावती पत्र जारी करते हुए शीघ्र भुगतान की प्रक्रिया प्रारंभ करने की बात कही थी।
इसके बावजूद अब तक कंपनी की ओर से निवेशकों का पैसा वापस करने की दिशा में कोई भी सकारात्मक कदम नहीं उठाया है। यही वजह है कि अब कलेक्टर ने भी सहारा इंडिया कंपनी के खिलाफ सख्त कदम उठाने का मन बना लिया है। इसी मामले को लेकर कलेक्टर रानू साहू ने पुलिस अधीक्षक को पत्र लिखा है।
पत्र में कहा गया है कि सहारा इंडिया के अनुषांगिक संस्थाओं-सहारा क्रेडिट को-आपरेटिव सोयायटी लिमिटेड, सहारा क्यू शॉप, सहारा स्टार, सहारा कामर्शियल इत्यादि में जिले के जमाकर्ताओं ने विभिन्न जमा योजनाओं में करोड़ों रुपये जमा किये हैं और जमा राशि की परिपक्वता पूर्ण होने के बाद भी राशि का भुगतान नहीं किए जाने संबंधी आवेदन दिये हैं।
इस संबंध में शाखा प्रबंधक- सेक्टर मैनेजर सहारा इंडिया को विभिन्न कार्यालयीन पत्रों के माध्यम से जमाकर्ताओं को परिपक्वता राशि का भुगतान करने के लिए निर्देशित किया गया था परन्तु शाखा प्रबंधन द्वारा जानबूझकर राशि का भुगतान नहीं किया जा रहा है जो कि धोखाधड़ी व वित्तीय अनियमितता की श्रेणी में आता है। ऐसे में कलेक्टर ने एसपी को शीघ्र ही सहारा इंडिया कंपनी के विरूद्ध प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कर उचित कार्रवाई करने के लिए लिखा है।
2627 निवेशकों ने दिए हैं आवेदन
सहारा इंडिया के विभिन्न स्कीमों में अपनी पूंजी जमा करने वाले 2627 निवेशकों ने जिला प्रशासन को आवेदन देकर जमा राशि वापस दिलाने की मांग की है। अब कलेक्टर की ओर से सहारा इंडिया कंपनी के खिलाफ सख्ती बरतने से इन निवेशकों में एक बार फिर से आस जगने लगी है कि देर से ही सही कंपनी पर कानूनी शिकंजा कसने के बाद उनकी जमापूंजी उन्हें उन्हें वापस मिल जायेगी। अब देखना है कि प्रशासन के इस कदम का सहारा इंडिया कंपनी पर कितना प्रभाव पड़ता है।
