मुख्यमंत्री भूपेश बघेल रविवार को रायपुर के गुढियारी स्थित दही हांडी मैदान में आयोजित शिव महापुराण कथा में शामिल हुए । उन्होंने व्यासपीठ को प्रणाम करते हुए कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा से प्रदेश की सुख समृद्धि का आशीर्वाद लिया। मुख्यमंत्री ने कहा, भगवान शिव महादेव हैं। उनकी मौजूदगी देश के गांव-गांव तक है। इस दौरान उन्होंने राज्य सरकार की गोठान औ राम वन गमन परिपथ योजनाओं पर भी बात की।

मुख्यमंत्री ने कहा, भगवान शिव के हाथों में जहां डमरु है, त्रिशूल है, वहीं गले में सर्प की माला और नंदी का भी विशेष स्थान है। यह दु:खद है कि नंदी को आज आवारा पशु के रूप में छोड़ दिया जाता है। गाय दूध देती है इसलिए उसका पालन किया जाता है।
हमारी छत्तीसगढ़ सरकार ने गाय और बैल दोनों के जतन का जिम्मा उठाया है। वर्तमान समय में जहां पंजाब, उत्तर प्रदेश, हरियाणा जैसे राज्यों में पराली जलाने से पर्यावरण प्रदूषित होने की समस्या रहती है, वहीं छत्तीसगढ़ में हमने लोगों से पैरा दान करने की अपील की है। ऐसा इसलिए ताकि पर्यावरण प्रदूषित भी न हो और आवारा मवेशियों को गोठानों की मदद से चारे की उपलब्धता बनी रहे।
अब राजिम को संवार रही है सरकार
मुख्यमंत्री ने कहा, इस वर्ष सरकार ने राजिम को संवारना शुरू किया है। वहां आने वाले साधु जनों, श्रद्धालुओं, पर्यटकों, अधिकारियों और सुरक्षा कर्मियों के ठहरने के लिए स्थायी टेंट का निर्माण और वर्ष भर चलने वाले विभिन्न आयोजनों के लिए वहां जमीन विकसित की जा रही है। इसके लिए 55 एकड़ जमीन का चुनाव हुआ है।
