रायपुर के व्यस्ततम सड़कों में से शास्त्री चौक से शारदा चौक, जय स्तंभ चौक और मालवीय रोड पर शोभायात्राओं और जुलूस आदि पर लगी रोक हटाने का प्रस्ताव आया है। सोमवार को हुई शांति समिति की बैठक में सभी समाज के लोग इसपर सहमत हुए। अधिकारियों ने कहा, यह प्रस्ताव अब सरकार को भेजा जाएगा।
रायपुर कलेक्ट्रेट में सोमवार को शांति समिति की बैठक हुई। इसमें आने वाले दशहरा और ईद के आयोजन से जुड़े मसलों पर चर्चा हुई। बैठक में विभिन्न धर्म और जातीय समाजाें के 100 से अधिक प्रतिनिधि शामिल हुए। बात शुरू हुई तो रायपुर की मुख्य सड़कों पर शोभायात्रा और जुलूस के प्रतिबंध पर सवाल हुए। लोगों ने कहा, 2017 से इस सड़क पर जुलूस आदि पर रोक लगी हुई है। प्रतिनिधियों ने सर्वसम्मति से इन सड़कों-चौराहों से यह रोक हटाने का प्रस्ताव पारित किया। अधिकारियों ने बताया, वे शांति समिति का यह प्रस्ताव सरकार को भेजेंगे। इसपर अंतिम निर्णय वहीं लिया जा सकता है।
इधर, रायपुर कलेक्टर डॉ.सर्वेश्वर नरेन्द्र भुरे और एस.एस.पी. प्रशांत अग्रवाल ने कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में कानून व्यवस्था की समीक्षा की। कलेक्टर ने अधिकारियों से यह सुनिश्चित करने को कहा है कि कोई भी संगठन बिना जिला प्रशासन की अनुमति से धरना-प्रदर्शन या रैली न कर सके। उन्होंनें कहा, बिना अनुमति के आयोजित होने वाले धरना-प्रदर्शन और रैलियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
बैठक में अधिकारियों ने बताया, रायपुर शहर के अलग-अलग क्षेत्रों में दशहरा के 10 बडे कार्यक्रम होते हैं। कलेक्टर ने उन सभी जगहोे पर मजिस्ट्रेट ड्यूटी लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने नवरात्री पर्व तथा गरबा के आयोजनों पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि रात 10 बजे के बाद डीजे बजाने वालों पर सख्ती बरती जाए। इसके अलावा सामान्य दिनों में न्यायालय के दिशा निर्देशों का कड़ाई से पालन कराते हुए शोर को निर्धारित सीमा के भीतर रखवाएं।
रोड सेफ्टी मैच के लिए भी खास तैयारी
कलेक्टर ने कहा, मंगलवार से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम परसदा में रोड सेफ्टी वर्ल्ड सीरीज क्रिकेट टूर्नामेंट होना है। 27 सितंबर को पहली पाली श्रीलंका और बंगलादेश के बीच और दूसरी पाली में इंग्लैंड व आस्ट्रेलिया के बीच मैच खेला जाएगा। इस दिन का मैच सभी के लिए निःशुल्क रहेगा। ऐसे में यहां भारी भीड़ संभावित है। उन्होंने बताया कि स्टेडियम के गेट नंबर 2, 3, 8, 9 और 10 से केवल परिवार वाले दर्शकों को प्रवेश दिया जाना है। इसके अलावा अन्य गेट से बिना परिवार वाले दर्शक प्रवेश कर सकते है।
