कोंडागांव की रहने वाली आदिवासी महिला की कबड्डी खेलते हुए जान चली गई।
जानकारी के मुताबिक कोडागांव जिले में शांति मंडावी नाम की युवती कबड्डी खेलते खेलते बेहोश हो हुई। उसके बाद उसके परिजन निजी वाहन से उसे कोडागांव अस्पताल लेकर गए। वहां उन्हें रायपुर रिफर किया गया। जहां निजी अस्पताल में इलाज के दौरान रात 11 बजे शांति मंडावी ने दम तोड़ दिया। छत्तीसगढ़िया ओलंपिक के दौरान राज्य में यह दूसरी मौत है। परिजनों का आरोप है कि समय पर सरकारी एम्बुलेंस वाहन नहीं मिली। फोन किया तो एम्बुलेंस ख़राब होने की बात कही गई। जिसके चलते युवती की मौत हो गई।
छत्तीसगढ़ में राज्य सरकार ने 6 अक्टूबर से छत्तीसगढ़ ओलंपिक खेल का शुभारंभ बड़े धूमधाम से किया इस कार्यक्रम की शुरुआत इंडोर एस्टेडियम से की थी जिसमें करोड़ों रुपए के बैनर और होर्डिंग लगाए गए लेकिन छग में ओलंपिक खेल में लगातार अनियमितता के कारण 1 हफ्ते में दो लोगों की मौत हो गई।
बता दें कि पहली मौत रायगढ़ में हुई और दूसरी मौत कोंडागांव जिले में हुई जिस प्रकार से छग में ओलंपिक खेलों की शुरुआत तो हो गई लेकिन ओलंपिक खेल के दौरान किसी भी तरह की मेडिकल किट की व्यवस्था नहीं की जा रही है ना कोई डॉक्टरों की व्यवस्था है। अगर कोई भी खिलाड़ी चोटिल हो जाता है उन खिलाड़ियों को तुरंत मेडिकल व्यवस्था नहीं मिल पाती है और इसी कारण से खेलों में मौतें देखने को मिल रही है।
यही कारण है कि कल कोंडागांव में शांति मंडावी नाम की एक महिला कबड्डी के दौरान उसके सिर में गंभीर चोट लग गई चोट लगने के बाद उसको कोंडागांव जिला अस्पताल रेफर किया गया। वहां डाक्टरों ने सीटी स्कैन करने के बाद कहा कि हालत काफी गंभीर है। इनको राजधानी रायपुर ले जाया जाए। परिजन अपने पैसे पर शांति को प्राइवेट मेडिकल हॉस्पिटल एनएचएम एम आई में भर्ती कराया। जहां पर इलाज के दौरान महिला की मौत हो गई। वहीं परिजन सीधे तौर पर सरकार पर आरोप लगा रहे हैं। वही भारतीय युवा मोर्चा के तमाम कार्यकर्ता हॉस्पिटल पहुंच गए हैं। कयास लगाए जा रहे हैं कि छत्तीसगढ़िया ओलंपिक में मौतों का मामला तूल पकड़ सकता है।
