आयकर विभाग इन दिनों टैक्स चोरी को लेकर सख्त हो गया है और टैक्स चोरों को पकड़ने के साथ ही बेनामी संपत्ति पर कड़ी नजर रख रहा है। बताया जा रहा है कि नए नियम के अनुसार अब अगर बेनामी संपत्ति रखी तो जुर्माने के साथ ही जेल की हवा भी खानी होगी।
आयकर विभाग द्वारा बेनामी संपत्ति वालों पर कड़ी नजर रखी जा रही है।
कर विशेषज्ञों का कहना है कि 30 वर्ष पहले जब बेनामी संपत्ति पर कानून बना था, उस समय यह उतना सख्त नहीं था,लेकिन वर्ष 2016 में कानून में संशोधन कर दिया गया। इस संशोधन के अनुसार यह स्पष्ट हो गया है कि अगर दूसरों के नाम से संपत्ति खरीदा या डिपाजिट किया तो आपको भारी पड़ने वाला है। बेनामी संपत्ति के मामले में आयकर विभाग आपके पुराने मामले भी खंगाल सकती है।
अगर आपने अपने पैसों से दूसरे के नाम पर संपत्ति खरीदा या नकद डिपाजिट किया और उसका पूरा लाभ आपको होने वाला है, तो इसे बेनामी संपत्ति कहा जाएगा।
-अगर आपने पत्नी या बच्चों के नाम से संपत्ति खरीदी है तो इसे बेनामी नहीं जाएगा।
-आय का स्रोत मालूम होना चाहिए
कर विशेषज्ञों का कहना है कि करदाताओं को अपने आय का स्त्रोत भी मालूम होना चाहिए। अगर आय का स्त्रोत नहीं मालूम है तो करदाता आयकर के घेरे में आ सकता है। प्रदेश में बीते पांच वर्षों से आयकर रिटर्न भरने वालों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। इस वित्तीय वर्ष में प्रदेश में आयकरदाताओं की संख्या बढ़कर 12 लाख हो गई है।
