इसके लिए उन्होंने 65 हजार हेक्टेयर भूमि को जैविक खेती के रूप में प्रमाणित करने के लिए आवेदन दिया है। केंद्र सरकार की ओर से जैसे ही यह प्रमाणपत्र मिलेगा, इनके उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी अच्छे दाम मिलने लगेंगे। साथ ही केंद्र सरकार की विभिन्न् प्रोत्साहन योजनाओं का भी लाभ मिलने लगेगा।
इन ग्राम पंचायतों के किसान घर में ही वनस्पतियों, गोबर और गोमूत्र से खाद बना रहे हैं। इसके लिए दंतेवाड़ा जिला प्रशासन की ओर से उन्हें प्रशिक्षण दिया गया है। जिले में कुल 234 ग्राम पंचायत में 110 ग्राम पंचायतों ने जैविक खेती को पूरी तरह से अपना लिया है। यही वजह है कि उन्होंने प्रमाणीकरण के लिए आवेदन दिया है। कलेक्टर विनीत नंदनवार का कहना है कि आने वाले समय में जिले के हर किसान को जैविक खेती के लिए प्रेरित और प्रोत्साहित किया जाएगा। बता दें कि 27 अप्रैल 2021 को केंद्र सरकार ने वृहद जैविक क्षेत्र प्रमाणीकरण योजना की शुरुआत की थी। इसी के तहत किसानों ने आवेदन दिया है।
