छत्तीसगढ़ के रायपुर में पहला प्रोफेशनल अंतरराष्ट्रीय बॉक्सिंग मुकाबला विजेंदर सिंह के नाम रहा। अफ्रीकी देश घाना के मशहूर बॉक्सर एलियासु सुले को अपने आक्रामक पंच से धूल चटा दी। यह मुकाबला केवल 2 मिनट 17 सेकेंड ही चला। इस बीच प्रोफेशनल बॉक्सिंग का रोमांच दर्शकों के सिर पर चढ़कर बोला।
छत्तीसगढ़ में पहली बार आयोजित प्रोफेशनल बॉक्सिंग के इस इवेंट को ‘द जंगल रंबल’ नाम दिया गया था। रायपुर के सरदार बलवीर सिंह जुनेजा इनडोर स्टेडियम में शाम होते ही हजारों दर्शक उमड़ पड़े थे। दर्शकों के उत्साह भरे शोर के बीच 6-6 राउंड के पांच मुकाबले खेले गए। इसका आखिरी मुकाबला भारतीय ओलंपियन विजेंदर सिंह और घाना के एलियासु सुले के बीच हुआ।
इस मुकाबले के जरिए विजेंदर सिंह ने लगभग 19 महीनों के बाद रिंग में कदम रखा था। इसके लिए उन्होंने मैनचेस्टर में कड़ी ट्रेनिंग ली है। इसके साथ ही ओलंपियन विजेंदर सिंह अपना 13वां प्रोफेशनल बॉक्सिंग मुकाबला जीत गए हैं। पिछले साल मार्च में गोवा में हुए ऐसे ही एक मुकाबले में वे रूस के अर्तयस लोपसन से हार गए थे। उससे पहले के 12 मुकाबलों में वे लगातार जीतते आए थे। विजेंदर सिंह ने बीजिंग ओलिंपिक में भारत के लिए मुक्केबाजी का कांस्य पदक जीता था। उन्होंने कॉमनवेल्थ में रजत और एशियाड में कांस्य पदक जीता है।
पहले चार मुकाबलों में यह रहा परिणाम
द जंगल रंबल के लाइट वेट ग्रुप में पहला मुकाबला अमेय नितिन और असद आसिफ खान के बीच हुआ। इस मुकाबले में असद ने बाजी मारी। दूसरा मुकाबला आशीष शर्मा और कार्तिक सतीश कुमार के बीच हुआ। जिसमें कार्तिक सतीश कुमार विजेता घोषित किए गए। तीसरा मैच शैकोम और गुरप्रीत सिंह के बीच हुआ। गुरप्रीत सिंह इस मैच के विजेता बने।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा, पेशेवर मुक्केबाजी छत्तीसगढ़ को खेलगढ़ में बदलने का माध्यम बनेगी। छत्तीसगढ़ को एक खेल राज्य खेलगढ़ के रूप में स्थापित करने का प्रयास जारी है। मुक्केबाज विजेंदर सिंह की पेशेवर लड़ाई इस योजना को और मजबूत करेगी। हमें न केवल लोगों को प्रोत्साहित करना है बल्कि छत्तीसगढ़ को खेल की महाशक्ति के रूप में पहचान दिलाने के लिए भी तैयारी करनी है।
