चिकित्सा शिक्षा विभाग ने नर्सिंग कॉलेजों में डिप्लोमा इन साइकेट्रिक नर्सिंग कोर्स में एडमिशन के लिए आवेदन मंगाए हैं। इसमें खास बात ये है कि इस कोर्स के लिए प्रदेश में केवल दो ही नर्सिंग कॉलेज हैं। एक सरकारी व दूसरा निजी। दोनों में 10-10 सीटें हैं। सरकारी कॉलेज में पढ़ाई के लिए केवल महिलाएं ही आवेदन कर पाएंगी। लेकिन निजी कॉलेज में महिला व पुरुष दोनों ही आवेदन कर सकेंगे।
डिप्लोमा इन साइकेट्रिक नर्सिंग कोर्स एक साल का डिप्लोमा कोर्स है
सत्र 2022 में एडमिशन के लिए डीएमई कार्यालय ने विज्ञापन जारी किया है। इसमें आवेदन करने के लिए केवल महिला पात्र है। राजनांदगांव स्थित निजी कॉलेज में फार्म भरने के लिए महिला व पुरुष दोनों पात्र रहेंगे। चिकित्सा शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि सरकारी नर्सिंग कॉलेज केवल महिलाओं के लिए है। इसलिए पुरुषों के आवेदन नहीं ले सकते हैं, लेकिन प्राइवेट कॉलेज कोएड है।
इसलिए वहां महिला-पुरुष दोनों पढ़ाई कर सकते हैं। इस कोर्स के लिए आवेदन 8 से 18 अगस्त तक जमा किए जा सकते हैं। सभी आवेदन केवल भारतीय डाक विभाग के स्पीड पोस्ट व रजिस्टर्ड डाक से ही स्वीकार किए जाएंगे। बाई हैंड या कोरियर से आवेदन नहीं लिए जाएंगे। अनारक्षित व ओबीसी के लिए काउंसिलिंग शुल्क 1000 व एसटी-एससी केटेगरी के लिए 500 रुपए देना होगा।
बीएससी नर्सिंग में भी ऐसा ही
बीएससी नर्सिंग कोर्स में भी ऐसा ही हो रहा है। सरकारी नर्सिंग कॉलेजों में केवल छात्राएं व निजी कॉलेजों में छात्र-छात्राएं दोनों पढ़ाई कर रहे हैं। हालांकि 5 साल पहले सरकारी मेडिकल कॉलेज राजनांदगांव में स्टाफ नर्स की भर्ती में मेल नर्सों को अपात्र घोषित कर दिया गया था। इसके बाद छात्रों ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। इस मामले में अभी अंतिम फैसला नहीं आया है। डीएमई व डीएचएस सेटअप से संचालित सरकारी अस्पतालों में कहीं भी मेल नर्स की पोस्टिंग नहीं है।
महिला कॉलेज होने के कारण सरकारी में केवल छात्राएं ही प्रवेश ले सकती हैं, लेकिन प्राइवेट कॉलेज में कोएड सिस्टम होने के कारण महिला व पुरुष दोनों पढ़ाई कर सकते हैं।
