राजधानी में एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट के गंज स्थित ऑफिस में राज्य की पहली क्रिमिनल गैलरी बनाई गई है। इसमें डकैती, चोरी, लूट और मादक पदार्थों की तस्करी जैसे अपराधों में पकड़े गए करीब 150 शातिर बदमाशों की फोटो लगाई गई है। गैलरी में उनका पूरा आपराधिक रिकॉर्ड दर्ज है कि कब और कहां-कहां इन अपराधियों ने घटना को अंजाम दिया।
कितने मामलों में जेल जा चुके हैं, इसकी भी जानकारी मिल जाएगी। पुलिस का दावा है कि किसी भी राज्य में अपराधियों की ऐसी गैलरी नहीं है। यह पहली गैलरी है, जहां किसी भी थाने या दूसरे राज्य की पुलिस आकर अपराधियों का रिकॉर्ड देख सकेगी। इससे घटना के पैटर्न के आधार पर आरोपियों की पहचान की जा सकेगी।
एसएसपी प्रशांत अग्रवाल ने शुक्रवार को क्रिमिनल गैलरी का किया उद्घाटन
उन्होंने बताया कि इसे डिजिटल प्लेटफार्म में लाया जा रहा है, जहां सभी तरह के अपराधियों की हिस्ट्री रहेगी। इसे थानों से लिंक किया जाएगा, ताकि एक क्लिक में थाने में बैठे जांच अधिकारी अपराधी का रिकॉर्ड खंगाल सकेगा।
घटना के आधार पर रिकॉर्ड तैयार
एसीसीयू जब क्राइम ब्रांच था, तब भी राज्य की पहली क्रिमिनल लाइब्रेरी बनाई गई थी। इसमें घटना के आधार पर अपराधियों का रिकॉर्ड तैयार किया गया था। हर अपराधी की क्रिमिनल डायरी बनाई गई थी। इसमें फोटो, नाम, पता, परिवार की जानकारी के साथ घटना के तरीके को उल्लेख किया गया था। उनकी पूरा आपराधिक रिकॉर्ड दर्ज था। इसमें चोरी, लूट, डकैती, चाकूबाजी, चेन स्नेचिंग, नार्कोटिक्स, उठाईगिरी के नाम से अलग-अलग रैक बनाया गया था। वह रिकॉर्ड आज भी गंज ऑफिस में रखा गया है।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि रायपुर में अलग-अलग शहरों और राज्यों की पुलिस आती है। उनके लिए यह गैलरी बहुत उपयोगी साबित होगी। वे यहां आकर आसानी से अपराधियों का रिकॉर्ड देख सकेंगे। वे जिन्हें पकड़ने आए हैं या जिन पर शंक है, उनके बारे में जल्दी जानकारी मिल सकेगी। अगर कोई किसी घटना का प्रत्यक्षदर्शी है तो उसे अपराधियों की फोटो दिखाई जाएगी। इससे पहचानने में मदद मिलेगी।
