मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने हरेली त्योहार के मौके पर गुरुवार को पाटन विधानसभा पहुंचे। यहां उन्होंने बैलगाड़ी चलाकर और गेड़ी चढ़कर त्योहार का आनंद लिया। इस मौके पर उन्होंने किसानों को एग्री एम्बुलेंस और एग्रीकल्चर ड्रोन की सौगात दी। अब किसानों की फसलों में कीटनाशक का छिड़काव ड्रोन के माध्यम से किया जाएगा।
CM बघेल ने किसानों को हाईटेक खेती से जोड़ने के लिए कंप्लीट एग्रीकल्चर ड्रोन सॉल्यूशन की लांचिंग की।
उन्होंने बताया कि एग्रीकल्चर ड्रोन के माध्यम से 4 एकड़ फसल में आधे घंटे के भीतर दवा का छिड़काव हो सकेगा। दवा की मात्रा भी निर्धारित की जा सकेगी। अब तक मैनुअल तरीके से एक किसान को 1 एकड़ फसल में दवा छि़ड़काव करने में कम से कम 3 घंटे का समय लगता था। वहीं एग्री एम्बुलेंस में एग्रीकल्चर लैब की सुविधा मिलेगी, इससे वो मिट्टी की आसानी से जांच करा सकेंगे।
किसानों को ड्रोन की सुविधा पीपीपी मॉडल के जरिए दी जाएगी।
मुख्यमंत्री ने हरेली के मौके पर– पशु चलित बैटरी ऑपरेटेड कल्टीवेटर और प्लांटर को लॉन्च किया।
यह दोनों ही कृषि यंत्र इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के अंतर्गत संचालित कृषि अभियांत्रिकी महाविद्यालय के वैज्ञानिकों ने बनाया है। इन यंत्रों के इस्तेमाल से किसानों को कृषि कार्य में लगने वाले समय में कमी आएगी और लागत भी कम होगी। इसके उपयोग से पशुओं पर भी बोझ कम पड़ेगा।
सरकार ने पिछले साल 98 लाख मीट्रिक टन धान खरीदा।
इस साल 110 लाख मीट्रिक टन धान खरीदने का लक्ष्य रखा गया है।
