राजधानी के गुढ़ियारी स्थित दही हांडी मैदान में शुक्रवार को शिव महापुराण कथा के तीसरे दिन अंतर्राष्ट्रीय कथावाचक आचार्य पंडित प्रदीप मिश्रा ने लाखों भक्तों ने शिव महापुराण की कथा का रसपान कराया।
आचार्य प्रदीप मिश्रा ने मतांतरण के मुद्दे पर कहा, जो अन्य धर्म के लोग मतांतरण करा रहे हैं, पहले वे अपने माता पिता से पूछें कि वो कौन से धर्म से थे? उनके दादा – परदादा कौन से धर्म के थे।
भारत में एक ही सनातन धर्म था। पैसों के लिए मतांतरण करना खुद के और दूसरे के धर्म को धोखा देना है। कथावाचक प्रदीप मिश्रा ने कहा, ये उनकी विपरीत बुद्धि है। उन्हें ऊपर से प्रेशर रहता है, उन्हें इतना लालच दिया जाता है कि उन्हें मतांतरण कराना पड़ता है।
कथावाचक प्रदीप मिश्रा ने कहा, एक लोटा जल में समस्याओं का हल है,
इसका अर्थ है कि आपकी ईश्वर के प्रति आस्था होनी चाहिए। मां पार्वती ने भी शिवलिंग पर जल अर्पित किया था। जरूरी नहीं कि हवन यज्ञ में लाखों खर्च करके ही शिव को प्रसन्न किया जाए। एक लोटा जल ही आस्था के लिए काफी है। हिंदू राष्ट्र के लिए जो भी अभियान चलाए हर किसी को सहयोग, आंदोलन, जन जागरण के लिए आगे आना चाहिए।
उन्होंने कहा, इतनी भीड़ पंडित प्रदीप मिश्रा को देखने, सुनने नहीं उमड़ रही बल्कि ये हजारों लोग शिव भक्त हैं, उनकी आस्था है। कोई ढोंग, पाखंड नहीं है, शिव मंदिरों की सफाई नित्य होने लगी है, पहले बेल पत्र चढ़े ही रहते थे, अब छोटे मंदिर भी साफ रहते हैं।
