सूर्योपासना के पर्व में गन्ने का मंडप बनाया जाता है। शहर के बड़े घाटों में हजारों की संख्या में गन्ने का मंडप बनाया जा रहा है।ऐसे में गन्ना किसानों को सीधे आर्थिक लाभ मिल रहा है। 24 घंटे में 50 लाख का गन्ना बिक जाने का अनुमान है।
अंबिकापुर। सूर्य उपासना के पर्व छठ के लिए विभिन्न प्रकार के ऋतु फल और कंदमूल की जरूरत पड़ती है। मंडप बनाने के लिए गन्ने की आवश्यकता पड़ती है।ऐसे में यह पर्व गन्ना किसानों के लिए भी खुशहाली लेकर आता है। शक्कर कारखाना में जहां गन्ना पेराई का दो दिन पहले ही शुभारंभ हुआ है वहीं हाथों-हाथ गन्ना बिकने का छठ के समय अच्छा अवसर मिलता है।
सूर्य उपासना के पर्व छठ के लिए रविवार की शाम ढलते सूर्य को अर्घ्य देने जनसैलाब उमड़ेगा। शंकर घाट और घुनघुट्टा जलाशय से में ढाई हजार से अधिक मंडप स्थापित हो रहे हैं वही शहर के अन्य बड़े तालाबों व आस-पास के घाटों में गन्ने का मंडप बनाया जाएगा। इसी से अनुमान लगाया जा सकता है कि एक एक परिवार को छह छह गन्ने की जरूरत पड़ेगी। इसको देखते हुए किसानों ने एक दिन पहले ही बाजार में बड़े पैमाने पर गन्ना बिक्री के लिए लाया है।
किसानों के अनुसार केवल छठ पर्व में लगभग 50 लाख का गन्ना हाथों-हाथ बिक जाएगा।कल शाम से गन्ना बिक्री शहर में शुरू हुई है।40 रुपये जोड़ी गन्ना इस बार बिक रहा है। किसानों को सूर्य उपासना के पर्व छठ में गन्ना बिक्री से किसानों को सीधे आर्थिक आमदनी हो रही है। किसानों ने बताया कि गत वर्ष 20 से 30 रुपये जोड़ी गन्ना बिक्री हुई थी। इस बार इसकी कीमत 40 रुपये कर दी गई है। किसानों ने बताया कि इस त्यौहार में गन्ने की अच्छी उपयोगिता है। मंडप सजाने के लिए गन्ना अनिवार्य है इसलिए हमें भी इस त्यौहार से उम्मीदें रहती हैं।
शक्कर कारखाना ने बढ़ाया है गन्ने का रकबा-
सूरजपुर जिले के केरता में स्थित मां महामाया सहकारी शक्कर कारखाना के कारण गन्ने का रकबा बढ़ा है। सरगुजा, सूरजपुर, बलरामपुर जिले के हजारों किसान गन्ने की खेती कर रहे हैं। शक्कर कारखाने में गन्ने की खपत बढ़ने से किसानों में भी उत्साह है।हाथों हाथ गन्ना शक्कर कारखाने में बिकता है।इसके अलावा तीज त्योहारों में भी गन्ने की मांग से किसान हर साल रकबा बढ़ा रहे हैं।जानकारी के अनुसार तीनों जिलों मे 15 हजार हेक्टेयर से अधिक रकबे में किसानों ने गन्ने की खेती की है।
देवउठनी एकादशी में भी बिकेगा बड़े पैमाने पर गन्ना-
सूर्योपासना के छठ पर्व के साथ किसानों को बड़े पैमाने पर गन्ना बिक्री करने का एक और मौका मिलेगा। देवउठनी एकादशी सप्ताह भर बाद पड़ेगा। इसमें तुलसी ,दामोदर विवाह के लिए भी तुलसी चबूतरे पर गन्ने का मंडप सजाया जाता है। इस दिन भी अंबिकापुर शहर में आसपास के किसान गन्ना लेकर आते हैं। हर घर में देवउठनी पूजा के समय गन्ने का मंडप बनाया जाता है। इस समय भी किसानों को गन्ना बिक्री का बड़ा बाजार मिल जाता है।
