छत्तीसगढ़ में 33 जिले हो गए हैं, लेकिन स्कूलाें में पढ़ने वाले लाखों बच्चे इस सत्र में यही पढ़ पाएंगे कि छत्तीसगढ़ 28 जिलों का राज्य है। वजह ये है कि 5 जिलों का उद्घाटन पिछले एक महीने में हुआ, तब तक इस बार सरकारी स्कूलों के कोर्स की किताबें छप चुकी थीं। उनमें छत्तीसगढ़ का नक्शा 28 जिलों का ही है। पांचवीं से नवमीं तक ऐसी 8 किताबें हैं, जिनमें छत्तीसगढ़ के नक्शे में 28 जिले दर्ज हैं।
ये किताबें छपकर बच्चों में बंट चुकी हैं, इसलिए अगले साल ही जिलों की संख्या 33 होगी और नया नक्शा बनेगा। प्रदेश में 2 सितंबर से 9 सितंबर के बीच प्रदेश में 5 नए जिले मोहला-मानपुर-अम्बागढ़ चौकी, सारंगढ़-बिलाईगढ़, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई, मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर और सक्ती अस्तिव में आए। यहां सरकारी स्कूलों की किताबों का कंटेंट राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) तैयार करती है।
उन्होंने 28 जिलों के हिसाब से कंटेट तैयार किया और इस साल पूर्वार्द्ध में ही किताबें छपकर बंट गईं। इस संबंध में शिक्षा सचिव का कहना है कि अब अगले सत्र से प्रकाशित होने वाली किताबों में ही 33 जिले वाला प्रदेश का मानचित्र होगा। इसके अलावा जिन भी सरकारी संस्थानों में प्रदेश का नक्शे लगे हैं, उनकी गिनती भी अभी शुरू नहीं हुई है।
शिक्षा विभाग से जुड़े सूत्रों की मानें तो इस बार परीक्षा में जिले से जुड़ा सवाल नहीं आएगा। इसके पीछे की वजह यह है कि छात्रों ने इस साल प्रदेश में 28 जिले ही पढ़े हैं। ऐसे में इस तरह के सवाल पर नंबर देने में शिक्षक खुद ही उलझ जाएंगे। ऐसे में सभी पेपर बनाने वाले शिक्षकों को यह एहतियात बरतने को कहा जाएगा।
