छत्तीसगढ़ पुलिस अपराधों पर नियंत्रण के साथ साथ विशेष अपराधों के शोध पर भी जोर दे रही है। जिससे पुलिस को आने वाले समय में इस तरह के मामलों से निपटने में आसानी हो। इस शोध में दुर्ग संभाग के राजनांदगांव पुलिस द्वारा जून माह में दर्ज किए गए क्रिप्टोकरेंसी के एक अंतरराष्ट्रीय फर्जीवाड़े के मामले को शोध के लिए चयन किया गया है।
चाईना के “शा झू पान” गिरोह द्वारा जिले के एक डॉक्टर को शिकार बनाया गया था। अपने आप में यह छत्तीसगढ़ में अपराध का एक नया मामला था। जिसे लेकर अब छ्त्तीसगढ़ पुलिस शोध करने जा रही है।
सायबर मामलों में एडवांस टेक्नोलॉजी का होगा उपयोग छत्तीसगढ़ में साइबर अपराध के मामले में अब पुलिस त्वरित कार्रवाई कर सकेगी। डीजीपी अशोक जुनेजा ने दुर्ग में संभाग के पुलिस अधिकारियों की बैठक लेकर सायबर ठगी और ऑनलाइन फ्रॉड के मामलों में त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। वहीं उन्होंने बताया की बदलते अपराध की प्रकृति के साथ साथ अब पुलिस भी हाईटेक होगी। सायबर ठगी के मामलों की जांच के लिए एडवांस टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया जाएगा। इसके साथ ही हमने क्रिप्टोकरेंसी जैसे मामले को अपराध अनुसंधान विभाग के शोध के लिए शामिल है।
चाइनीज आरोपियों ने इस तरह पीड़ित को झांसे में लिया राजनांदगांव निवासी और डॉ अभिषेक पाल से सोशल नेटवर्किंग साइट के ज़रिए हांगकांग की एना-ली नाम की एक युवती ने दोस्ती की। युवती ने कारोबारी को क्रिप्टोकरेंसी में डील के नाम पर झांसे में लिया और कुछ फायदा भी पहुंचाया जिससे पीड़ित को भरोसा हो गया। उसने एक ट्रेडिंग एप मेटाट्रेडर-5 में 35,000 डॉलर, यानी लगभग 26 लाख रुपये का निवेश किया था। कारोबारी ने देखा कि उसके द्वारा निवेश किये गए पैसे जब थोड़े समय बाद में बढ़कर 107,825 डॉलर हो गए। तब आरोपियों ने पीड़ित को टैक्स जमा करने कहा। लेकिन टैक्स जमा करने के बाद भी पैसे नहीं निकाल सका। जिसके बाद डॉ अभिषेक पाल ने अप्रैल पुलिस में शिकायत की।
“शा झू पान” के नाम से ऑपरेट होता था गिरोह राजनांदगांव पुलिस को ग्लोबल एंटी स्कैम ऑर्गेनाजेशन के माध्यम से पता चला कि ठग गिरोह ‘शा झू पान’ स्कैमर्स दुनिया भर में लोगों से हर साल अरबों डॉलर की धोखाधड़ी करते हैं। ये मशहूर क्रिप्टोकरेंसी धोखधड़ी गैंग “शा झू पान” (रोमांटिक घोटाला) के नाम से ऑपरेट करता है। राजनांदगांव के रहने वाले डॉ अभिषेक पाल ने अप्रैल माह में इस मामले में पूर्व पुलिस अधीक्षक संतोष सिंह से इस केस की शिकायत की थी।
“शा झू पान” एक बड़ा इंटरनेशन लेवल का स्कैम पुलिस अधिकारियों के अनुसार “शा झू पान” स्कैम एशियाई देशों में डिजिटल करेंसी फ्रॉड करने वाला एक बड़ा गिरोह है। ये हर साल अरबों डॉलर की ठगी करते हैं। दक्षिण-पूर्व एशिया में ये काफी एक्टिव है। ये किसी बड़े कॉर्पाेरेट की तरह ऑपरेट होते हैं। जांच में पता चला कि एक्सचेंज बायनेंस से एक फर्जी वेबसाइट insafx.com के माध्यम से बायनेंस से क्रिप्टोकरेंसी ट्रांसफर कर धोखाधड़ी की गई। इसके नाम से 2000 से अधिक फर्जी सेल कंपनियां भी चलाई जा रही हैं। जिनका पता लंदन का है। सभी कंपनियों के डायरेक्टर चीन के निवासी है। 2021 में अमेरिकी खूफिया एजेंसी FBI ने केवल अमेरिका में इस तरह के घोटालों से 1 बिलियन अमरीकी डालर के नुकसान की सूचना दी है
जानिए क्या होता है क्रिप्टो करेंसी ? Cryptocurrncy एक तरह की आभासी करेंसी है, और वित्तीय लेन-देन का एक माध्यम होता है। भारतीय करेंसी की तरह कागज के नही होते, इसलिए इसे डिजिटल करेंसी भी कहते हैं। इसका पूरा कारोबार ऑनलाइन माध्यम से ही होता है। जहां एक ओर किसी भी देश की करेंसी के लेन-देन के लिए एक मध्यस्थ होता हैठ जैसे भारत में केंद्रीय बैंक, लेकिन क्रिप्टो के कारोबार में कोई मध्यस्थ नहीं होता और इसे एक नेटवर्क द्वारा ऑनलाइन संचालित किया जाता है। यही कारण है कि इसे अनियमित बाजार के तौर पर जाना जाता है। जो पल में किसी को अमीर बना देता है और एक झटके में उसे जमीन पर गिरा देता है। लेकिन बावजूद इस उतार चढ़ाव के इसको लेकर लोकप्रियता बढ़ती ही जा रही है।
