नक्सलियों की गतिविधियों के इनपुट अब जंगल के अंदरूनी इलाकों में भी पुलिस की निगाह से नहीं छिप सकेंगे। उन पर नजर रखने के लिए राज्य पुलिस 15 अत्याधुनिक ड्रोन खरीदी करने की तैयारी में जुटी हुई है।
इसमें से 13 मध्यम और छोटे के साथ ही 2 बड़े ड्रोन शामिल हैं। इन सभी को खरीदी के बाद नक्सल मोर्चे पर तैनात राज्य पुलिस के जवानों को दिया जाएगा। बताया जाता है कि ड्रोन की खरीदी की सारी प्रक्रिया भी पूरी कर ली गई है। संबंधित कंपनियों से ड्रोन के सैंपल मांगे गए हैं। पीएचक्यू के टेक्नीकल एक्सपर्ट की टीम इसका परीक्षण करेगी। सभी मानकों को पूरा करने वाली कंपनी को इसकी आपूर्ति की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। साथ ही ड्रोन को जरूरत के अनुसार संबंधित यूनिट को दिया जाएगा।
जवानों के लगातार गश्त करने के बाद भी घने जंगलों के अंदरूनी इलाकों में नक्सलियों की बैठक, उनकी मूवमेंट और अन्य गतिविधियों की सटीक जानकारी तुरंत नहीं मिल पा रही थी। इसके चलते कई बार इलाका छोड़ने के बाद फोर्स वहां पहुंच रही थी। वहीं घने जंगल होने के कारण कई बार नक्सलियों के कैंप के पास से फोर्स मूवमेंट होता था।
लेकिन, इनपुट के अभाव में वह बच निकलते थे। वहीं जंगल के अंदरूनी इलाकों के रास्तों का मैप नहीं होने के कारण फोर्स रास्ता भटक रही थी। इसका लाभ नक्सलियों को मिल रहा था।
रिमोट कंट्रोल से उड़ने वाले छोटे और मध्यम आकार के ड्रोन 2 किमी तक की उंचाई और 5 से 10 किमी तक के दायरे में उड़ान भर सकेंगे। इसकी बैटरी बैकअप 1 घंटे तक की होगी। इसमें लगे अत्याधुनिक कैमरे के माध्यम से स्पष्ट रूप से तस्वीर ले सकेंगे। साथ ही करीब 10 किलो तक का सामान ले जाने में सक्षम होगी।
वहीं बड़े ड्रोन अपनी क्षमता के अनुसार 7 किमी तक की उचांई तक उड़ान भर सकेंगे। इसका बैटरी बैकअप 50 किमी अथवा 3 घंटे की होगा। वहीं यह 10 से 30 किलो तक का सामान भी ले जा सकेंगे। इसमें लगे नाइट विजन कैमरे रात के समय भी आसानी से तस्वीरें ले सकेंगे।
