छत्तीसगढ़ में शराबबंदी का मामला समय समय पर उछलने लगता है। सत्ता पक्ष और विपक्ष के नेता कई बार इस मुद्दे को लेकर आमने-सामने आ चुके हैं। प्रदेश की सियासत में एक बार फिर शराबबंदी का मुद्दा गूंजने लगा है।
दरसअल मरवाही विधायक ने शराब को लेकर ऐसा बयान दे दिया है, जो जमकर वायरल हो रहा है। बता दें कि इससे पहले मंत्री प्रेमसाय सिंह टेकाम का वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें वो शराब को लेकर ज्ञान देते हुए नजर आए थे।
मरवाही में मीडिया से बात करते हुए विधायक डॉ के के ध्रुव ने एक डॉक्टर के नाते कहा कि दारू की सलाह देना ही नुकसानदायक है फिर चाहे कम हो या ज्यादा। उन्होने कहा कि डाल्यूट होने से शराब का टॉक्सिक इफेक्ट यानि तीव्रता कम हो जाती है। अब शिक्षामंत्री ने किस संदर्भ में कहा ये मैं नहीं जानता।
उन्होने कहा कि दवा के रूप में जितना जरूरी है उतनी ही लेनी चाहिए। इसके पीछे डॉ ध्रुव ने आदिवासी समाज और ग्रामीण क्षेत्र का उदाहरण देते हुए कहा कि कुछ लोग दवा के रूप में अधिकार पूर्वक उपयोग करते हैं तो हम उनको तो रोक नहीं सकते पर दूसरे सार्वजनिक जगहों पर इसका उपयोग नहीं कर सकते।
वहीं, कांग्रेस नेता पहलवान सिंह मरावी ने कहा कि राजा इंद्र भी सोमरस के नाम से पीते थे। महुआ की दारू तेज होती है इसलिए मंत्री बोले पानी मिलाकर पिया करें। जब देवताओं के देवता इंद्र पीते हैं तो फिर हम लोग क्या हैं। सतयुग से ही दारू के 10 नाम हैं, दारू कभी बंद नहीं हो सकती। नेता वादा करके मुकर जाएंगे पर दारू बंद नहीं हो सकती। आज अधिकांश लोग शराब चख चुके हैं।
