छत्तीसगढ़ राज्य की स्थापना के बाद राज्य में पहली बार 1320 मेगावाट के नए बिजली संयंत्र (Power Plant) की स्थापना होने जा रही है. इसके लिए प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने निर्देश दे दिए हैं. बता दें कि छत्तीसगढ़ स्टेट पावर जेनरेशन कंपनी का यह सबसे बड़ा और आधुनिक संयंत्र होगा.
इस प्लांट के लगने के बाद इसकी उत्पादन क्षमता बढ़कर 43 मेगावाट हो जाएगी. छत्तीसगढ़ राज्य गठन होने के बाद यह छत्तीसगढ़ स्टेट पावर जेनरेशन कंपनी का अबतक का सबसे बड़ा बिजली प्लांट होगा.
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अपने निवास पर पॉवर कंपनियों की समीक्षा बैठक की जिसमें भविष्य में विद्युत के मांग की आपूर्ति के लिए आवश्यक विद्युत उपलब्धता की समीक्षा की गई. वर्ष 2030-31 तक अपेक्षित विद्युत मांग में वृद्धि की आपूर्ति के लिए नवीन विद्युत संयंत्र की आवश्यकता होगी. मुख्यमंत्री ने राज्य की विद्युत उत्पादन कंपनी को कोरबा पश्चिम में उपलब्ध भूमि पर 2×660 मेगावॉट सुपर क्रिटीकल नवीन विद्युत उत्पादन संयंत्र की स्थापना के लिए समुचित कार्यवाही करने के निर्देश दिये.
विद्युत उत्पादन कंपनी के प्रबंध निदेशक एनके बिजौरा ने बताया कि, यह सुपर क्रिटिकल संयंत्र अत्याधुनिक तकनीक से स्थापित की जाएगी. इससे एक ओर बिजली की उपलब्धता सुनिश्चित होगी तो वहीं रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे. उन्होंने बताया कि कोरबा पश्चिम में संयंत्र स्थापना करने के लिए खुद की भूमि उपलब्ध है. साथ ही अपेक्षित परियोजना स्थल पर कोयले की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए वर्तमान चलित उत्पादन संयंत्रों के लिए कंवेयर बेल्ट की सुविधा भी उपलब्ध है.
मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद संयंत्र स्थापना के लिए आवश्यक स्वीकृतियां, कोयला आवंटन, जल आवंटन सहित विस्तृत डी.पी.आर इत्यादि तैयार करने का कार्य विद्युत उत्पादन कंपनी द्वारा तेजी से किया जाएगा जिससे वर्ष 2030-31 तक अपेक्षित विद्युत आपूर्ति संभव हो सके.
मिलेगी सस्ती बिजली और रोजगार
वहीं अधिकारियों का कहना है कि खुद की जमीन और कोयला पहुंचाने के लिए कन्वेयर बेल्ट उपलब्धता से काफी फायदा होगा. सुपर क्रिटिकल प्लांट होने के कारण नवीन प्रस्तावित प्लांट से उत्पादित विद्युत की दर सस्ती होने की उम्मीद है. नवीन उत्पादन संयंत्र की स्थापना से स्थानीय रोजगार का विकास भी संभव होगा.
