भिलाई में छत्तीसगढ़ का पहला स्किन बैंक 7 साल बाद सेक्टर-9 जवाहरलाल नेहरू चिकित्सालय में शुभारंभ किया गया
इसे संचालित करने के लिए जरूरी मशीनों के साथ ही सभी प्रक्रियाएं पूरी कर ली गईं. सेल प्रबंधन ने योग्य डॉक्टर और ट्रेंड स्टफ को भी नियुक्त किया. 9 सितंबर 2015 को इस स्किन बैंक को तैयार किया गया था. कानूनी अड़चनों और जरूरी मशीनों के अभाव में संचालन नहीं हो पाया था.
इस बैंक के खुलने से 80 प्रतिशत तक जले मरीजों को नया जीवनदान मिल सकेगा. स्किन बैंक के अलावा कैडेवरिक टिशू ट्रांसप्लांट का भी पंडित जवाहरलाल नेहरू अस्तपाल एवं अनुसंधान केन्द्र छत्तीसगढ़ का पहला संस्थान बना है.
सेल-भिलाई इस्पात संयंत्र के मुख्य चिकित्सालय जवाहरलाल नेहरू अस्पताल एवं अनुसंधान केन्द्र, सेक्टर-9 के एडवांस्ड बर्न केयर विभाग में स्थापित स्किन बैंक के निरीक्षण हेतु कुछ दिनों पहले छत्तीसगढ़ के स्टेट ऑर्गन एवं टिशु ट्रांसप्लांट ऑर्गनाइजेशन (सोटो) की चार सदस्यीय निरीक्षण टीम ने अस्पताल का दौरा किया. इस टीम ने भिलाई इस्पात संयंत्र के चिकित्सालय में स्किन बैंक प्रारंभ करने हेतु आवश्यक दस्तावेजों तथा उपकरणों की जांच की. जरूरी उपकरण, आवश्यक दस्तावेज तथा प्रशिक्षित मेडिकल स्टाफ की उपलब्धता से संतुष्ट होकर रायपुर से आई टीम ने स्किन बैंक को प्रारंभ करने की अनुमति प्रदान की.
स्किन बैंक को प्रारंभ करने की अनुमति प्रदान करने के साथ ही सोटो रायपुर से रजिस्ट्रेशन नंबर जारी कर दिया गया है जो 5 वर्षों के लिए मान्य होगा. इस प्रकार बीएसपी के मुख्य चिकित्सालय में स्थापित स्किन बैंक छत्तीसगढ़ का पहला स्किन बैंक बन गया है. इसके स्थापना के साथ ही बीएसपी अस्पताल ने स्किन डोनेशन के प्रति लोगों को जागरूक करने का कार्य प्रारंभ कर दिया है. जिससे लोग स्कीन बैंक को स्किन डोनेशन करें और गंभीर मरीजों के जीवनरक्षा में अपना योगदान दें.
