देर रात मरवाही वन मंडल के खम्हरिया इलाके में हाथियों के समूह का उग्र रूप भी देखने को मिला. पिछले दो दिनों में हाथियों के अलग अलग समूह ने 2 व्यक्तियों की मौत के घाट उतार दिया है. हाथियों ने ग्रामीणों के पशुओं को भी नहीं बख्शा है. कल देर रात एक गाय और चार बकरियों को हाथियों ने मार डाला. जिसके बाद दहशत में रहवासियों ने अपना घर छोड़कर गांव के स्कूल में शरण ली है.
दो दिनों में 2 व्यक्तियों की मौत
मरवाही वन मंडल और कटघोरा वन मंडल से सटे पसान वन परिक्षेत्र में पिछले 4 दिनों से लगभग 2 दर्जन से अधिक हाथियों की मौजूदगी देखी गई है. जो ग्रामीणों के लिए परेशानी का सबब बने हुए है. हाथियों का समूह लगातार ग्रामीणों के खेत की खड़ी फसल और बाड़ी में लगे साग सब्जी को नुकसान पहुंचा रही है. हाथियों की मौजूदगी से ग्रामीण दिन डूबने से पहले अपने घरों को छोड़कर शासकीय भवनों में रात काट रहे हैं. पिछले दो दिनों में हाथियों के अलग अलग समूह ने 2 व्यक्तियों को मौत के घाट उतार दिया है.
हाथियों ने मवेशियों को भी नहीं बख्शा
एक अन्य मामले में कल देर रात जिले के पसान के खम्हरिया गांव में रहने वाले सेवा सिंह के घर हाथियों ने हमला कर दिया. हमले में एक गाय और चार बकरियों को हाथियों ने मार डाला है. जिसके बाद ग्रामीण हाथियों के हमले से दहशत में हैं. हाथियों के डर से ग्रामीण न तो ठीक से सो पा रहे हैं, ना ही खाना पीना कर पा रहे हैं. रहवासियों ने बीते 5 दिनों से अपना घर छोड़ दिया है और गांव में ही स्कूल में रह रहे हैं.
वन कर्मचारियों और अधिकारियों पर गभीर आरोप
ग्रामीणों ने कटघोरा वन मंडल के पसान वन परिक्षेत्र में वन कर्मचारियों व अधिकारियों पर गभीर आरोप लगाया है. आरोप है कि हाथियों से निपटने और उन्हें भागने पटाखा मंगाकर हाथी भागने के नाम से ग्रामीणों को आपस मे चंदा कर बीस हजार रुपये इकठा करने मांग की गई. वहीं मरवाही वन विभाग का कहना है कि “उनकी टीम सीमांत क्षेत्र में जाकर हाथियों के मूवमेंट पर नजर बनाए हुए है.” जिसे लेकर ग्रामीणों में काफी नाराजगी देखी जा रही है. वहीं हाथियों की मौजूदगी से ग्रामीण अपना काम धाम छोड़कर हाथियों की निगरानी कर रहे हैं.
