राज्य के सरकारी कर्मचारी केंद्रीय कर्मियों के बराबर 34 प्रतिशत महंगाई भत्ता देने की मांग कर रहे हैं। छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन 34 प्रतिशत डीए की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे और सरकार के इस फैसले से असंतुष्ट हैं। मांग पूरी नहीं होने पर कर्मचारी संगठन ने 22 अगस्त से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने की घोषणा की है।
महंगाई भत्ता (डीए) छह प्रतिशत बढ़ाने की मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की घोषणा से कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन संतुष्ट नहीं हैं। इसे लेकर फेडरेशन का एक प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से मिलकर केंद्रीय कर्मियों के बराबर 34 प्रतिशत डीए देने की मांग दोहराई, लेकिन मुख्यमंत्री से कोई ठोस आश्वासन नहीं मिला। इससे 22 अगस्त से प्रस्तावित अनिश्चितकालीन हड़ताल के टलने की संभावना कम हो गई है।
मुख्यमंत्री निवास से निकले कर्मचारी नेताओं ने बताया कि मुख्यमंत्री ने डीए में पूर्व घोषित छह प्रतिशत की वृद्धि के साथ एक प्रतिशत और बढ़ाने के संबंध में मुख्य सचिव से चर्चा करने का आश्वासन दिया है।
कर्मचारी नेताओं के अनुसार राज्य के कर्मियों को अभी 22 प्रतिशत डीए मिल रहा है। छह प्रतिशत शामिल करने के बाद 28 प्रतिशत ही होगा, जबकि मांग केंद्रीय कर्मियों के बराबर 34 प्रतिशत की है।
कर्मचारी नेताओं के अनुसार फेडरेशन में करीब 88 कर्मचारी-अधिकारी संगठन शामिल हैं। इनमें से अधिकांश छह प्रतिशत की बढ़ोतरी से संतुष्ट नहीं हैं। वे 22 अगस्त से घोषित अनिश्चितकालीन हड़ताल को यथावत रखना चाह रहे हैं। मुख्यमंत्री से हुई मुलाकात के बाद फेडरेशन के पदाधिकारियों की एक और बैठक हुई। इसमें सभी संगठनों छह प्रतिशत की वृद्धि कोे अस्वीकार कर दिया।
फेडरेशन के संयोजक कमल वर्मा ने बताया कि जिन कर्मचारी नेताओं ने शनिवार को मुख्यमंत्री से मुलाकात कर छह प्रतिशत डीए पर सहमति दी है, उनका फेडरेशन और कर्मचारी आंदोलन से कोई संबंध नहीं है। वर्मा ने बताया कि फेडरेशन के नेतृत्व में कर्मचारी-अधिकारी 34 प्रतिशत डीए और सातवें वेतमान के अनुसार गृह भाड़ा देने की मांग को लेकर मई से चरणबद्ध आंदोलन कर रहे हैं।
