छत्तीसगढ़ के गरियाबंद में धर्मांतरण को लेकर हंगामा
राजिम के गांव कौंदकेरा में हर रविवार ईसाई समाज की ओर से प्रार्थना सभा होती है। उसमें बाहरी लोग आते हैं। गांव वाले इसका विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि हम एक ही माता-पिता के बच्चे हैं, लेकिन अब हम भाइयों का धर्म बदल गया है। उन्होंने कहा कि दूसरे धर्म में गए हमारे अपनों को वापस अपने धर्म में लाना है। इस दौरान प्रार्थना के लिए पहुंचे लोगों का ग्रामीणों ने विरोध शुरू कर दिया। इसकी सूचना SDM अविनाश भोई को दी गई।
ग्रामीणों का कहा ‘ईसाई मिशनरीज को घुसने नहीं देंगे गांव में
गांव में माहौल बिगड़ने की खबर अफसरों तक पहुंची तो राजिम थाना पुलिस फोर्स के साथ पहुंच गई।
नायब तहसीलदार रमाकांत केवार्थ । ग्रामीणों के आक्रोश को देखते हुए उन्होंने प्रार्थना सभा करा रहे कांकेर निवासी संतोष कुमार मरकाम को गांव में बाहर से किसी भी ईसाई मिशनरी के सदस्य को नहीं बुलाने की बात कही। ग्रामीणों का कहना है कि आवास गुजर-बसर के लिए दिया था, लेकिन बाहर से आए लोग कुछ साल बाद बेचकर चले जाते हैं।
लामबंद हुए इन ग्रामीणों ने साफ कह दिया है कि गांव-गांव में लगातार धर्मांतरण हो रहा है।
यदि अब धर्मांतरण नहीं रुका, तो गरियाबंद जिला मुख्यालय में वे उग्र आंदोलन करेंगे। उन्होंने कहा कि अपनी संस्कृति को बचाने के लिए वे हर कदम उठाएंगे। ग्रामीणों ने इलाके में सोशल मीडिया के माध्यम से धर्मांतरण नहीं करने की बात लिखी हुई है। साथ ही ईसाई मिशनरियों को गांव में घुसने के लिए साफ मना किया गया है।
