HDFC बैंक ने ग्राहकों को दिया बड़ा झटका
एचडीएफसी बैंक ने मार्जिनल कॉस्ट ऑफ लेंडिंग रेट यानी एमसीएलआर में 10 बेसिस प्वाइंट बढ़ाने का ऐलान किया है. एचडीएफसी बैंक की नई दरें 8 अगस्त, 2022 से लागू हो गई है.
दरअसल 5 अगस्त, 2022 को आरबीआई के लगातार तीसरी बार रेपो रेट बढ़ाने का ऐलान किया था जिसके बाद बैंकों द्वारा लगातार कर्ज महंगा होता जा रहा है. एचडीएफसी बैंक द्वारा MCLR बढ़ाने के बाद होम लोन, कार लोन, एजुकेशन लोन और पर्सनल लोन समेत कई तरह के लोन अब महंगे हो जायेंगे साथ ही बैंक के ग्राहकों को महंगी ईएमआई चुकानी पड़ेगी.
एचडीएफसी बैंक ने 8 अगस्त, 2022 से ओवरनाइट एसीएलआर को 7.80 फीसदी, एक महीने के एसीएलआर को 7.80 फीसदी, तीन महीने के एसीएलआर को 7.85 फीसदी कर दिया है.
तो 6 महीने के एमसीएलआर रेट को 7.95 फीसदी कर दिया गया है. एक साल के लिए एसीएलआर 8.10 फईसदी अब होगी. इसी दर से कई प्रकार के रिटेल लोन जुड़े हुए हैं. वहीं दो साल के लिए एमसीएलआर 8.20 फीसदी और तीन साल के लिए 8.30 फईसदी होगा. इससे पहले 7 जुलाई, 2022 को एचडीएफसी बैंक ने 20 बेसिस प्वाइंट की बढ़ोतरी की थी.
बीते तीन महीने में आरबीआई ने तीन चरणों में रेपो रेट में 1.40 फईसदी बढ़ोतरी कर दी है
जिसके बाद रेपो रेट 5.40 फीसदी हो गया है. जिसके बाद बैंकों के लिए आरबीआई से कर्ज लेना महंगा हो गया है तो अब बैंक उसका भार कस्टमर्स पर डाल रहे हैं.
आरबीआई के नए गाइडलाइंस के मुताबिक अब कमर्शियल बैंक बेस रेट के बदले मार्जिनल कॉस्ट ऑफ फंड बेस्ड लेंडिंग रेट यानी एमसीएलआर के आधार पर कर्ज देते हैं.
एमसीएलआर को निर्धारित करने के लिए मार्जिनल कॉस्ट ऑफ फंड बहुत मायने रखता है. रेपो रेट में कोई भी बदलाव होने पर मार्जिनल कॉस्ट ऑफ फंड में तब्दीली आती है. फ्लोटिंग रेट पर ग्राहकों ने जो लोन लिया हुआ है उसके रीसेट डेट जब आएगा तो नए एमसीएलआर के आधार पर ग्राहकों के लोन की ब्याज दरों तय की जाएगी जिसके बाद उनकी ईएमआई महंगी हो जाएगी.
