बुधवार, 27 जुलाई 2022 को सर्वोच्च न्यायालय ने Judicial Officers Salary, पे स्केल बढ़ाने का आदेश दिया है. यह बढ़ा हुआ पे स्केल 1 जनवरी 2016 से ही लागू होगा. यानी 2016 से अब तक बढ़ी हुई सैलरी का पूरा एरियर भी मिलेगा. इससे देशभर के 25 हजार से ज्यादा ज्यूडिशियल अधिकारियों को फायदा मिलने वाला है.
सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले से देश के 25 हजार से ज्यादा न्यायिक अधिकारियों को बड़ी राहत मिली है. क्योंकि सैलरी बढ़ाने के साथ-साथ Supreme Court ने अगने 11 महीने में ही पूरा एरियर देने का भी निर्देश दिया है.
शीर्ष अदालत ने केंद्र और राज्य सरकारों को निर्देश दिया है कि 01 जनवरी 2016 से लेकर अब तक, बढ़े हुए पे स्केल के अनुसार जितना भी एरियर बनता है, वह इन ऑफिसर्स को 30 जून 2023 तक दे दिया जाए. यह तीन किश्तों में दिया जाएगा
एरियर का पहला हिस्सा अभी से तीन महीने के अंदर दे दिया जाएगा. इसमें कुल एरियर की 25 फीसदी रकम दी जाएगी. फिर एरियर की दूसरी किश्त उसके बाद के अगले 3 महीने में दी जाएगी. इसमें भी कुल एरियर का अगला 25% हिस्सा दिया जाएगा. तीसरी बार में बाकी बची पूरी रकम एक बाद में दे दी जाएगी. इसके लिए सुप्रीम कोर्ट ने अंतिम तारीख 30 जून 2023 निर्धारित की है.
सुप्रीम कोर्ट ने ऑल इंडिया जज एसोसिएशन की याचिका पर सुनवाई करने के बाद वेतन वृद्धि का यह फैसला सुनाया है.
खत्म हुआ 12 साल का इंतजार
वास्तव में सबऑर्डिनेट अदालतों में काम कर रहे जजों और न्यायिक अधिकारियों के वेतन में आखिरी बार 2010 मे इजाफा देखने को मिला था. करीब 12 साल से उनकी सैलरी में कोई इजाफा नहीं हुआ है. जबकि केंद्रीय कर्मचारियों की सैलरी में कई बार बढ़ोतरी हो चुकी है. जिसकी वजह से वेतन इजाफे की डिमांड लंबे समय से चली आ रही थी. वहीं यह भी तर्क दिया जा रहा था कि जिस तरह का काम उनके पास है, उनकी तुलना राज्य कर्मचारियों के साथ करना ठीक नहीं है. इस वजह कमीशन के गठन को बल मिला.


