राष्ट्रपति चुनाव में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन-NDA की उम्मीदवार द्रोपदी मुर्मू और संयुक्त विपक्ष के उम्मीदवार यशवंत सिन्हा ने मतदाताओं से अंतरात्मा की आवाज पर वोट देने का आग्रह किया था।
वह आवाज मुर्मू के पक्ष में काम कर गई। छत्तीसगढ़ में क्रॉस वोटिंग हुई है। कांग्रेस के दो विधायकों ने NDA की उम्मीदवार द्रोपदी मुर्मू के पक्ष में मतदान किया है।
छत्तीसगढ़ में 90 विधायक हैं। इसमें अकेले कांग्रेस के पास 71 विधायक हैं।
भाजपा के 14, जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ के तीन और बहुजन समाज पार्टी के 2 विधायकों को मिलाकर विपक्ष के वोटों की संख्या 19 होती है। राष्ट्रपति चुनाव के फार्मुले के मुताबिक यहां एक विधायक के वोट का मूल्य 129 होता है।
इस चुनाव में कांग्रेस ने यशवंत सिन्हा का समर्थन किया था। वहीं भाजपा, जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ और बसपा ने द्रोपदी मुर्मू का समर्थन किया था। इस मान से कांग्रेस समर्थित उम्मीदवार यशवंत सिन्हा को 9 हजार 159 वोट मिलने चाहिए थे।
वहीं द्रोपदी मुर्मू को केवल 2 हजार 451 वोट। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। गुरुवार को मतगणना पूरी हुई तो सामने आया कि द्रोपदी मुर्मू को 2 हजार 709 वोट यानी 21 विधायकाें का समर्थन मिला। वहीं यशवंत सिन्हा को 8 हजार 901 वोट यानी केवल 69 विधायकों का समर्थन मिला। क्रॉस वोटिंग की बदौलत द्रोपदी मुर्मू को विपक्ष के सभी 19 विधायकों के अलावा सत्ताधारी कांग्रेस के भी दो विधायकों का वोट मिल गया है।
