प्रदेश के स्वशासी (ऑटोनाॅमस) कालेजों में ग्रेजुएशन की पढ़ाई में एनसीसी को एक विषय के रूप में शामिल कर लिया गया है। यह विषय इसी सत्र से जरूरी किया जा रहा है। इसी तरह, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय ने भी एनसीसी को एक विषय के रूप में मान्य करते हुए नोटिफिकेशन भी जारी कर दिया है। राज्य के कई कॉलेजों व विवि में खासकर, स्वशासी कॉलेजों में एनसीसी की तीनों विंग हैं।
इसके अलावा कई जगह ब्वाॅयज एवं गर्ल्स बटालियन भी है। अभी तरह एक्सट्रा करिकुलर एक्टिविटी के लिए छात्र एनसीसी से जुड़ते थे, लेकिन अब कॉलेजों में इसका स्वरूप बदलेगा। हिंदी, अंग्रेजी, संस्कृत, गणित जैसे विषयों की तरह की एनसीसी का भी सिलेबस होगा। इसकी भी कक्षाएं लगेगी। अफसरों का कहना है कि एनसीसी का पूरा कोर्स बन गया है। यह स्वशासी कॉलेजों में लागू करना है। यह पहली बार होगा जब तीन साल तक सैद्धांतिक पढ़ाई और प्रैक्टिकल दोनों होंगे। राज्य के स्वशासी कॉलेजों में इसी सत्र से ग्रेजुएशन की पढ़ाई सेमेस्टर प्रणाली के तहत शुरू होने वाली है।
इसके लिए तैयारी की जा रही है। गौरतलब है कि राज्य में 8 स्वशासी कॉलेज हैं। इनमें शासकीय नागार्जून स्नातकोत्तर विज्ञान महाविद्यालय (साइंस कॉलेज रायपुर), शासकीय दूधाधारी बजरंग महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय रायपुर (डिग्री गर्ल्स कॉलेज), शासकीय जे.योगानंदम छत्तीसगढ़ स्नातकोत्तर महाविद्यालय (छत्तीसगढ़ कॉलेज), शासकीय विश्वनाथ तामस्कर कला / विज्ञान स्नातकोत्तर महाविद्यालय दुर्ग, शासकीय दिग्विजय स्नातकोत्तर महाविद्यालय राजनांदगांव, शासकीय ई.राघवेंद्रराव स्नातकोत्तर विज्ञान महाविद्यालय बिलासपुर, शासकीय बिलासा कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय बिलासपुर, शासकीय राजीव गांधी स्नातकोत्तर महाविद्यालय अंबिकापुर शामिल हैं।
अफसरों ने बताया कि एनसीसी कैडेट को विभिन्न कोर्स में प्रवेश के लिए वेटेज मिलता है। इसके अलावा नौकरियों में भी इसका लाभ मिलता है। अभी जो छात्र एनसीसी से जुड़े हैं उन्हें अन्य छात्रों की तरह सभी विषय पढ़ने पड़ते है। लेकिन अब एनसीसी को एक ऐच्छिक विषय के रूप में चयन कर सकेगा। इससे उनहें फायदा होगा।
एनसीसी को अब एक इलेक्टिव विषय के रूप में पढ़ाया जाएगा। इस सत्र से इसके प्रारंभ करने का प्रस्ताव है। इसके अनुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
