रायपुर शहर में स्कूल पूरी तरह से खुल गए हैं। प्राइवेट स्कूल के संचालक पूरा पैसा पालकों से वलूकर अनफिट बसें सड़कों पर दौड़ा रहे थे। इन्हीं बसों में बच्चों को स्कूल में लाने ले जाने का काम किया जा रहा था। पुलिस की जांच में अनफिट बसें पकड़ी गईं। 12 स्कूल संचालकों पर जुर्माने की कार्रवाई की गई है। पुलिस ने सख्त हिदायत दी है कि अनफिट बसों में बताए गए बदलाव करने के बाद दोबारा जांच की जाएगी।
रायपुर की पुलिस ने स्कूल मालिकों को नोटिस भेजकर बसों की जांच के लिए पुलिस ग्राउंड में शिविर लगाया था। ट्रैफिक एसपी सतीश ठाकुर ने बताया कि जांच में 145 बसें आईं। इसे टीम एम.टी. पुल अमलेश्वर, टाटा मोटर्स जैयका ऑटोमोबाइल्स एवं स्वराज माजदा लिमिटेड के मैकेनिकों ने चेक किया। 37 बसों में खामियां पाए जाने पर परिवहन विभाग द्वारा 22100 रुपए का फाइन लगाया गया। 3 जुलाई को फिर से बसों की जांच की जाएगी।
स्कूल की बसों में काम करने वाले ड्राइवर और कंडक्टर कुल 191 लाेगाें का हेल्थ चेकअप भी किया गया। रामकृष्ण केयर हॉस्पिटल, एनएच एमएमआई हॉस्पिटल, छत्तीसगढ़ नेत्र चिकित्सालय और जिला चिकित्सालय के वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारियों ने इनकी जांच की। इसमें स्टाफ बीपी शुगर का मरीज मिला, 5 को तो देखने तक में परेशानी थी। इसके बाद भी ये बसों को चलाने का काम कर रहे थे।
