बस्तर के सुदूर वनांचल में स्थित ग्राम बोदेनार के आदिवासियों ने सोमवार को किरंदुल-कोट्टावालसा (केके) रेल मार्ग पर यातायात रोक दिया।
इस दौरान इस मार्ग पर करीब एक घंटे तक यातायात बाधित रहा।
ग्रामीण किरंदुल रेलखंड के बोदेनार हाल्ट में पैसेंजर ट्रेन के ठहराव को बहाल करने की मांग कर रहे थे। ग्रामीणों ने रेल पटरी पर बैनर बांध दिया और इंजन के सामने खड़े हो गए।
उनका कहना था कि गांव में पहुंच मार्ग नहीं है, रेल मार्ग की एकमात्र सहारा है।
कोराना काल से पहले बोदेनार और नजदीक के कुपेर स्टेशनों में पैसेंजर ट्रेन रूकती थी। ग्रामीणों ने रेल रोकने की योजना पहले से बना रखी थी किंतु इसकी सूचना प्रशासन को नहीं दी थी। गांव से युवकों का एक दल सुबह सात बजे आठ किमी दूर कावड़गांव स्टेशन पहुंच गया था। जब किरंदुल विशाखापटनम स्पेशल पैसेंजर ट्रेन कावड़गांव से रवाना हुई तो उन्होंने बोदेनार में सूचना दे दी।
बोदेनार में अचानक सौ से ज्यादा पुरूष, महिलाएं, बच्चे पटरी पर आ गए। ट्रेन में मौजूद आरपीएफ के जवानों ने उन्हें समझाने का प्रयास किया परंतु नहीं माने। बाद में कोड़ेनार थाने से पुलिस बल भेजा गया। उन्हें किसी तरह समझा बुझाकर 8:55 बजे पैसेंजर ट्रेन को रवाना कराया गया। ग्रामीणों ने आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी है।
